मंगलवार, 29 दिसंबर 2020

भैंस ने सड़क पर गोबर किया, ग्वालियर नगर निगम ने दस हजार रू का जुर्माना लगाया, भैंस मालिक को जमा करना पड़ा जुर्माना

 ग्वालियर, 28 दिसंबर 2020 भैंस ने सड़क पर गोबर किया तो उसका खामियाजा उसके मालिक को भुगतान पड़ा। नगर निगम ने मालिक पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। नगर निगम के अफसर मालिक के घर पहुंच गए और अंतत: मालिक को 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ा।

घटना ग्वालियर के सिरौल रोड स्थित डीबी सिटी के पास की है। यहां पर सड़क का काम चल रहा है। इसी दौरान भैंस वहां से निकली और उसने गोबर कर दिया। दरअसल, डीबी सिटी के पास नगर निगम नई सड़क बनवा रहा है। निर्माण कार्य चल रहा था, तभी वहां पास ही रहने वाले बेताल सिंह की भैंस आ गई। भैंस ने सड़क पर गोबर कर दिया। इसके बाद निगमायुक्त संदीप माकिन ने भैंस को सड़क से हटाने के निर्देश दिए। क्षेत्राधिकारी व डब्ल्यूएचओ ने भैंस को हटाने की कोशिश की, लेकिन बहुत कोशिशों के बाद भी भैंस नहीं हटी। तभी वहां भैंस का मालिक बेताल सिंह आ गया। वह भैंसों को हांक कर अपने साथ ले जाने गया।


इस पर निगमायुक्त ने सड़क पर गोबर करवाने पर तत्काल जुर्माना करने का आदेश दिया। इसके बाद क्षेत्राधिकारी मनीष कन्नौजिया व वार्ड स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र धीरज बेताल सिंह के घर पहुंचे और उस पर 10000 रुपये का जुर्माना लगाया है। सड़क पर भैंस द्वारा गोबर करने पर निगम द्वारा 10000 रुपये जुर्माने की कार्रवाई की गई है। यह जुर्माना बेताल सिंह ने निगम में जमा कर दिया है। — मनीष कन्नौजिया, क्षेत्राधिकारी, नगर निगम, ग्वालियर

रविवार, 27 दिसंबर 2020

भारतीय जनता पार्टी नगर जिला उज्जैन के दौलतगंज मंडल की कार्यकारिणी घोषित की गयी

 मीडिया प्रभारी सचिन सक्सेना के अनुसार भारतीय जनता पार्टी उज्जैन नगर के दौलतगंज मण्डल अध्यक्ष श्री नितिन गौर ने रविवार को जिलाध्यक्ष श्री विवेक जोशी की अनुमति एवं जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठों की  सहमति से अपने मंडल की कार्यसमिति की घोषणा की ! उपरोक्त व्यवस्था के मद्देनज़र प्रदेश नेतृत्व द्वारा  श्री विजय दुबे एवं श्री मदनलाल राठोड को नियुक्त किया गया  ! भाजपा संभागीय संगठन मंत्री श्री जीतेन्द्र लिटोरिया एवं सह जिला निर्वाचन अधिकारी श्री  रमेश शर्मा के मार्गदर्शन में मंडल कार्यसमितियों की घोषणा की गयी !

मंडल का नाम - दौलतगंज
अध्यक्ष - श्री नितिन गौर  
उपाध्यक्ष श्री सुनिल सोनी 
उपाध्यक्ष श्री संतोष सोलंकी 
उपाध्यक्ष श्री आशीष चावड़ा 
उपाध्यक्ष श्री नवीन सोगानी  
उपाध्यक्ष श्री विकास राठौर  
उपाध्यक्ष श्री शेख इलियास 
महामंत्री श्री सुमित वेदी 
महामंत्री श्री अपूर्व देवडा  
मंत्री श्री मुकेश चन्द्रावत 
मंत्री श्री संजीव चौहान
मंत्री डॉ . योगेश्वरी राठौर 
मंत्री श्रीमती आरती जीवनगुरू तिवारी
मंत्री श्रीमती शैफाली राकेश राव 
मंत्री श्रीमती गीता वाघेला  
कोषाध्यक्ष श्रीमती रेखा माहेश्वरी

बुधवार, 23 दिसंबर 2020

ग्वालियर व्यापार मेला 15 जनवरी से शुरू होगा , हर साल 20 दिसम्बर से शुरू होने वाला ग्वालियर मेला इस साल करीब एक महीने विलंब से लगेगा , चार मेले और लगेंगें

 सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा है कि मध्यप्रदेश का प्रसिद्ध ग्वालियर व्यापार मेला 15 जनवरी के आसपास आयोजित किया जाएगा। मंत्री श्री सखलेचा से मंत्रालय वल्लभ भवन में मंगलवार को कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स के साथ ग्वालियर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भेंटकर मेले की तैयारियों के सम्बन्ध में जानकारी भी दी।

इस अवसर पर श्री सखलेचा ने कहा कि ग्वालियर में मेलों की समृद्ध परम्परा को देखते हुए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की अवधारणा पर केंद्रित 4 मेले और लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नवरात्र (दशहरा) से दीवाली तक मेला लगाने के अलावा, औद्योगिक मेला, मध्यप्रदेश की कला को दुनिया भर तक प्रसिद्धि दिलाने के लिए आर्ट मेला तथा महिला स्वसहायता समूहों और महिला उद्यमियों के उत्पादों को पहचान और बाजार उपलब्ध कराने के लिए मेला आयोजित किये जाने की योजना है।

व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने मंत्री श्री सखलेचा का आभार व्यक्त किया।

मंगलवार, 22 दिसंबर 2020

सेंवढ़ा क्षेत्र में बनेगी मजबूत सड़कें, सेंवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह ने किया सड़क का भूमि पूजन

सेंवढ़ा क्षेत्र में बनेगी मजबूत सड़कें,   सेंवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह ने किया सड़क का भूमि पूजन 
दतिया। दतिया जिले की सेंवढ़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नीमडांडा में सेंवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह ने 98 लाख की लागत से नीमडांडा से किटाना प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क का रविवार को बतौर मुख्यातिथि भूमि पूजन किया। 
ग्रामीणों ने विधायक घनश्याम सिंह का आत्मीय स्वागत कर सड़क की सौगात देने पर आभार माना। 
कार्यक्रम को संबोधित कर विधायक घनश्याम सिंह ने कहा कि सेंवढ़ा क्षेत्र में ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। 
नीमडांडा से किटाना तक 3 किमी पक्की सड़क बनने से दतिया जिले के इन दोनों गांवों के अलावा भिण्ड जिले के दो दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोग लाभांवित  होगे। सेंवढ़ा से भिण्ड जाने के लिए लोगों को 20 किमी की दूरी कम तय करनी पड़ेगी। 
विधायक घनश्याम सिंह ने  कहा कि हेवी ट्रेफिक गुजरने के कारण सेंवढ़ा क्षेत्र की जो सड़कें छतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें उखाड़ कर मजबूत सड़कें बनाई जा रही हैं, जो भारी वाहनों के गुजरने पर भी छतिग्रस्त नहीं होगी। इसी क्रम में सेंवढ़ा क्षेत्र में 4 सडकें स्वीकृत कराई हैं। जिनमें थरेट से टोड़ा पहाड़ तक सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा हैं तथा  धीरपुरा से गोराघाट, मंगरोल से रुहेरा तथा सिलोरी से जुझारपुर के लिए स्वीकृत सड़कों के निर्माण के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी तथा अप्रेल से सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। 
कार्यक्रम का संचालन अन्नू चौहान ने किया। 

इस अवसर पर गुलाब सिंह गौर, शंकर सिंह गौर, जंडेल सिंह कुशवाह, दुर्गा सिंह, तहसीलदार सिंह, जनक सिंह पूर्व सरपंच, सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, बुद्ध सिंह, जितेंद्र सिंह, राजेन्द्र नोनेरिया, उधम सिंह बाबा, शिव प्रताप गौर, हरि मोहन त्यागी, हरपाल त्यागी  एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष केपी यादव उपस्थित रहे।


 

शनिवार, 19 दिसंबर 2020

मीटर रीडर अजीत राजावत और सुपरवायजर रवि अग्रवाल पर मीटर रीडिंग में हेराफेरी के आरोप में धारा 420, 506, 511, 34 भादवि में एफआईआर दर्ज

 मीटर रीडर अजीत राजावत और सुपरवायजर रवि अग्रवाल पर मीटर रीडिंग में हेराफेरी के आरोप में धारा 420, 506, 511, 34 भादवि में एफआईआर दर्ज 

फीडबैक इन्फ्रा प्रा.लि. के मीटर रीडर अजीत राजावत के खिलाफ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मीटर रीडिंग में हेराफेरी और अवैध रूप से धन की मांग के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। यह एफआईआर सहायक अभियंता, फूलबाग जोन, शहर संभाग ग्वालियर के आवेदन पर दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ अपराध धारा 420, 506, 511, 34 भादवि के अंतर्गत थाना पड़ाब में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।

मीटर रीडर अजीत राजावत फीडबैक इन्फ्रा प्रा.लि. का कर्मचारी है और इसके द्वारा प्रतिमाह मीटर रीडिंग लेकर बिल बांटने का कार्य किया जाना चाहिए, लेकिन इसने श्रीमती क्रान्ति देवी निवासी डी-13, द्वारिका पुरी, फूलबाग जोन के परिसर की 10 माह तक सही रीडिंग नहीं ली। अगस्त-20 में इकट्ठी रीडिंग 4317 यूनिट का बिल जारी किया गया और बाद में आरोपी राजावत द्वारा इस बिल को सुधरवाने के लिए श्रीमती क्रान्ति देवी से 20 हजार रूपये की अवैध रूप से मांग की गई। श्रीमती क्रान्ति देवी द्वारा बिजली कंपनी में आवेदन दिया गया जिसकी जांच की गई। जांच में शिकायत को सही पाया गया। साथ ही कंपनी को आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाया गया है। फलस्वरूप मामले को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया जिसकी पुलिस द्वारा विवचेना की जा रही है। मीटर रीडर अजीत राजावत के साथ-साथ फीडबैक इन्फ्रा प्रा.लि. के सुपरवाईजर रवि अग्रवाल को भी आरोपी बनाया गया है।

शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020

चम्बल एक्सप्रेस वे लायेगा चम्बल में विश्वस्तरीय औद्योगिक कॉरीडोर , चम्बल भारत के केन्द्र बिन्दु में यहां का उत्पाद समूचे भारत में समान व सही मार्केेटिंग करेगा

 चम्बल का भारत के सेंट्रल पाइंट पर होना एक ऐसी विशेषता है कि जो दुर्लभ व अद्वितीय है , भारत की अन्य किसी जगह में यह विशेषता नहीं । इसी वजह से महर्षि महेश योगी अपना विश्वविद्यालय चम्बल में खोलना चाहते थे , वैदिक विश्वविद्यालय की परियोजना उच्च शिक्षा विभाग म प्र में इसी तरह महर्षि महेश योगी ने दाखिल भी की थी । मगर तत्कालीन तत्समय उच्च शिक्षा मंत्री मुकेश नायक ने महर्षि महेश योगी की राह में अड़बंगे और अड़चनें डाल कर उनका चम्बल में वैदिक विश्वविद्यालय का प्रोजेक्ट लटका दिया । योगी हार थक कर मुकेश नायक की शर्तों के सामने आखिरकार मन मार कर झुक गये और मुकेश नायक की शर्तों के मुताबिक इसे जबलपुर ले गये , तब कहीं जाकर महर्षि महेश योगी अपना वैदिक विश्वविद्यालय खोल पाये , हालांकि नाभि स्थल जहां चम्बल में योगी इसे खोलना चाहते थे , जबलपुर जाकर पूरे विश्वविद्यालय का तेज ही समाप्त हो गया, सारा वैभव और इच्छाशक्ति ही खो बैठा । स्थान के इस चम्त्कार को महर्षि महेश योगी जानते थे , हालांकि मुकेश नायक का भी राजनीतिक पराभव हो गया लेकिन चम्बल से एक चमत्कारिक चीज चली गयी , और उस चमत्कारी चीज ने भी जबलपुर जाकर खुद को खो दिया । 

कुल मिला कर चम्बल सेट्रलाइज्ड और फोकस्ड प्लेस है, कोई भी चीज जो यहां से होती है , पूरे देश में सबसे अधिक तेजी से और व्यापक रूप से फैल जाती है । भारत के पूर्व ,पश्चिम , उत्तर दक्षिण और बाकी चार दिशाओं से अगर दिशाओं को मिलाती रेखा खींची जाये तो उसका क्रास पाइंट यहां चम्बल में आता है । इसीलिये चम्बल का विशेष महत्व है , ज्यामितीय दृष्टि से इसकी भौगोलिक स्थिति इस प्रकार की है कि इतिहास यहां खुद को रचता है । चम्बल वैसे तो महाभारत कालीन और त्रेता युग की ऐतिहासिक साइट है । लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि यही वह स्थान हे जहां शकुंतला और दुष्यंत के पुत्र भरत का जन्म हुआ और जिसके नाम पर इस देश का नाम भारत हुआ । गुढ़ा चंबल नामक स्थान पर आज भी उनके खंडहर मौजूद हैं । जिला पुरातत्व अधिकारी अशोक शर्मा के मुताबिक पहले चंबल नदी गुढे के किले की तलहटी में बहती थी , अब वहां से चम्बल करीब 250-300 मीटर दूर खिसक गयी है , महाराजा शांतनु , और बाद में महारजा दुष्यंत , उसके बाद महाराजा भरत इस चंबल में अपनी अपनी महारानी के साथ नौका विहार किया करते थे । 

महाभारत के अनुसार चम्बल क्षेत्र से इराक ईरान तक चंद्रवंशी जादौन राजपूतों का राज्य क्षेत्र रहा है । 

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह ने कहा है कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमेप-2023 के अंतर्गत प्रदेश में विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना के विकास तथा मध्यप्रदेश को सबसे पसंदीदा व्यापार स्थल के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है। इसी दिशा में चम्बल प्रोग्रेस-वे और नर्मदा एक्सप्रेस-वे की निकटता वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से एमएसएमई के लिये विश्वस्तरीय औद्योगिक कोरीडोर के रूप में विकसित किये जाने की योजना है इसके लिये 2000 एकड़ भूमि पार्सल में 5 औद्योगिक नोड्स में विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश में लगभग एक हजार करोड़ के निवेश को आकर्षित किया जा सकेगा जो अगले पाँच वर्षों में लगभग 20 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

मंत्री श्री दत्तीगाँव ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश रोडमैप के तहत प्रत्येक जिले के लिये एक औद्योगिक/ पारम्परिक उपज की पहचान की जा रही है। उन्होने कहा कि चिन्हित उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये योजनाएँ तैयार की जायेगी और उन्हें क्रियान्वित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इन औद्योगिक उत्पादनों की देशव्यापी ब्राँडिंग भी की जायेगी। रक्षा क्षेत्र, उत्पादन, रासायनिक उद्योग, चमड़े एवं गैर चमड़ा उद्योग, बैट्री भंडारण, परिधान और वस्त्र आदि के लिये अगले वर्षों में नये औद्योगिक कलस्टर को चिन्हित कर विकसित किया जायेगा।

मंत्री श्री दत्तीगाँव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिये कई ठोस कदम उठाये गये हैं। जिनमें सबसे महत्वपूर्ण कदम के रूप में 30 दिवस में व्यवसाय शुरू करने के लिये विभिन्न प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है तथा ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठाये गये इन्हीं प्रयासों के कारण राज्य व्यवसाय सुधार कार्य-योजना वर्ष 2019 की मध्यप्रदेश को 'ईज ऑफ डूईंग बिजनेस' वाले राज्यों की सूची में चौथी रैकिंग प्रदान की गई है।

मंत्री श्री दत्तीगाँव ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों की स्थापना हेतु भूमि उपलब्धता, नर्मदा जल की उपलब्धता, विद्युत अधिशेष, लगभग नगण्य श्रम अशांति घटनाएँ, प्रख्यात कौशल संस्थाओं की उपस्थिति एवं बेहतरीन अधोसंरचना की उपलब्धता के कारण मध्यप्रदेश में भारत के मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की अपार संभावनाएँ हैं। मध्यप्रदेश ऑटो सेक्टर, खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा एवं परिधान, रक्षा क्षेत्र, लॉजिस्टिक और भंडारण उद्योगों के लिये उपयुक्त है।    

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रायसेन में आयोजित किसान सम्मेलन को सीधे (वर्चुअली) संबोधित करेंगे, आज शिवराज म प्र के 35 लाख किसानों के खाते में डालेंगें 1600 करोड़ रू

 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि यह सौभाग्य की बात है कि रायसेन में 18 दिसंबर को आयोजित होने वाले किसान सम्मेलन को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सीधे संबोधित करेंगे। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों से अनुरोध किया है कि वे प्रधानमंत्री जी को अवश्य सुनें।

कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे से प्रारंभ होगा, दोपहर 1:00 बजे से मुख्यमंत्री श्री चौहान का उद्बोधन होगा तथा दोपहर 2:00 बजे से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी किसानों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन सहित क्षेत्रीय चैनलों, फेसबुक आदि पर होगा। वेबसाइट cmevent.mp.gov.in पर आसानी से रजिस्ट्रेशन करके भी कार्यक्रम से जुड़ा जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि सरकार ने किसानों को वचन दिया था कि उन्हें बाढ़ से हुई क्षति का पूरा मुआवजा दिलाया जाएगा। 18 दिसंबर को रायसेन में आयोजित होने वाले किसान सम्मेलन में सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के 35 लाख किसानों को फसल नुकसानी के मुआवजे की पहली किस्त के रूप में लगभग 16 सौ करोड रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। सभी किसानों को शीघ्र मुआवजा प्राप्त होगा। इसके अलावा उन्हें फसल नुकसानी की फसल बीमा की राशि भी बीमा कंपनियों के माध्यम से दिलाई जाएगी।

30 हजार हितग्राहियों को 6 लाख रूपये ऋण 3-4 प्रतिशत ब्याज दर पर, 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में ई-व्हिकल चार्जिंग स्टेशन, सभी नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन करने, स्वीकृतियाँ देने हेतु सभी नगरीय निकाय होंगें आनलाइन

शिवराज मामा तो चीफ जस्टिस जैसा लग रहा है इसमें

 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शहरी गरीबों के लिये रोजगारमूलक योजनाओं, जनकल्याण और आवास योजनाओं का क्रियान्वयन समय-सीमा में किया जाये। नगरीय निकाय स्वच्छता और अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दें। नगरीय निकायों द्वारा दी जाने वाली नागरिक सुविधायें सहजता-सरलता से लोगों को‍मिले। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत विभाग की कार्ययोजना को समय-सीमा में अमल में लाया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अधिक से अधिक पथ विक्रेताओं को कार्यशील पूंजी मिले। इस योजना को व्यापक स्वरूप में लागू किया जाये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान नगरीय विकास और आवास विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्री ओ.पी.एस. भदौरिया, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग श्री नितेश व्यास तथा प्रमुख सचिव वित्त श्री मनोज गोविल और अन्य अधिकारीगण मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पथ विक्रेताओं को लाभान्वित करने में मध्यप्रदेश में अच्छा कार्य हुआ है। इस योजना में मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिले, ऐसा प्रयास करें।

प्रमुख सचिव नगरीय निकास ने बताया कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप में विभाग ने 33 बिन्दु तथा पाँच रणनीतियां बनायी है। पहली रणनीति समावेशी शहरी विकास के अंतर्गत पांच लाख पथ विक्रेताओं को कार्यशील पूंजी के लिये ऋण दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे दिसम्बर 2023 तक हासिल किया जायेगा। वर्तमान में प्रदेश में एक लाख 80 हजार पथ विक्रेताओं को लाभान्वित किया जा चुका है। शीघ्र ही एक लाख पथ विक्रेताओं को लाभान्वित करने के लक्ष्य को हासिल किया जायेगा।

दीनदयाल रसोई योजना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दीनदयाल रसोई योजना को पुन: बेहतर ढंग से क्रियान्वित किया जाये। यह राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना रही है। प्रथम चरण में सभी जिलों में एक-एक इस प्रकार 52 दीनदयाल रसोइयां जनवरी माह में शुरू की जायें। इसके लिये शासकीय मदद के साथ जनसमुदाय का सहयोग लिया जाये। द्वितीय चरण में 40 दीनदयाल रसोईयाँ शुरू की जायें। इस प्रकार कुल 100 दीनदयाल रसोईयाँ संचालित करने का लक्ष्य रखा जाये।

रात्रिकालीन आश्रय

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रात्रिकालीन आश्रयों का नवीनीकरण किया जाये। वहां जरूरी सुविधायें मुहैया कराकर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाये। बताया गया कि पुराने 118 रात्रिकालीन आश्रयों का नवीनीकरण किया जायेगा।

रोजगारमूलक योजनाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रोजगार शासन की प्राथमिकता में शामिल है। अत: रोजगारमूलक योजनाओं में प्रशिक्षण के साथ रोजगार स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जाये। बैठक में बताया गया कि डे-एन.यू.एल.एम. योजना का प्रदेश के सभी 378 शहरों में विस्तार किया गया है। एक लाख 50 हजार गरीब परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने का लक्ष्य है। अब तक 21 हजार 750 परिवारों को जोड़ा जा चुका है।

इन्क्यूबेशन सेन्टर

बताया गया कि प्रदेश के सात शहरों में स्टार्टअप इन्‍क्यूबेशन सेन्टर का विकास किया जा रहा है। एक लाख बेरोजगार युवाओं का कौशल विकास का कार्यक्रम निर्धारित है। भोपाल और जबलपुर में ये सेन्टर स्थापित हो गए हैं। इंदौर में मार्च तक सेन्टर की स्थापना हो जायेगी। मार्च 2021 तक 30 हजार युवाओं के कौशल विकास की योजना है।

शहरी गरीबों के लिये आवास

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप के तहत 378 शहरों में कम आय वर्ग के लोगों के‍लिये तीन लाख आवासीय इकाईयों के प्रदाय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें से वर्तमान में 28 हजार इकाइयां पूर्ण हो गयी हैं।

कम आय के 30 हजार हितग्राहियों के‍ लिये रोजगार

कम आय वर्ग के 30 हजार हितग्राहियों को 6 लाख रूपये ऋण 3-4 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जायेगा।

पर्यावरण संरक्षण के लिये विकास

49 शहरों में सीवरेज सिस्टम को कार्यशील बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ये शहर एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले तथा अधिकतर नर्मदा नदी के किनारे बसे हैं। इसी तरह सैनिटेशन में सभी 378 शहरों में से 350 शहरों ने ओडीएफ प्लस का स्टेटस हासिल कर लिया है। इंदौर शहर के लिये वाटर प्लस स्टेटस को हासिल करने का मिशन बनाया गया है।

ई-व्हिकल चार्जिंग स्टेशन

10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में निजी भागीदारी से ई-व्हिकल चार्जिंग स्टेशन और लोक परिवहन के लिये चरणबद्ध ई-बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।

नगरीय सुशासन के लिये कानूनी सुधार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सुशासन के लिये अधिनियमों-नियमों, कानूनों में आवश्यक सुधार किया जाये। इस कार्य को भी प्राथमिकता से पूरा किया जाये। बताया गया कि नगरीय निकायों के राजस्व में स्वयं के स्त्रोतों से 43 प्रतिशत तक राजस्व मिलता है। इसे 60 प्रतिशत तक बढ़ाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भवन निर्माण की अनुमति मिलने में लोगों को दिक्कतें होती है। ऐसी पारदर्शी प्रक्रिया बनायी जाये कि नियमों का पालन करते हुये नागरिकों को सरलता से शीघ्र भवन निर्माण की अनुमति मिले।

बैठक में सभी नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन करने, स्वीकृतियाँ देने आदि की जानकारी दी गयी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा में निर्देश दिये कि इस कार्य में मध्यप्रदेश को देश में नम्बर एक स्थान मिले। नगरीय निकायों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के लिए प्ररित किया जाये। नगरीय विकास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि स्वच्छता मिशन पर कार्य के मूल्यांकन के लिये हर तीन माह में रैंकिंग तय की जायेगी।

जल प्रदाय योजनायें

सभी 378 नगरीय निकायों के लिये 365 जल प्रदाय योजनायें स्वीकृत की जाकर 234 योजनाओं को पूर्ण किया गया है। सीवरेज योजनाओं के अंतर्गत 49 निकायों में 52 परियोजनायें स्वीकृत की गयी हैं।

स्मार्ट सिटी मिशन

स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत 468 प्रोजेक्ट्स में ये 216 परियोजना पूर्ण कर ली गयी हैं। 2512 करोड़ रूपये व्यय किये गये हैं। स्मार्ट सिटी मिशन की रैंकिंग में देश में मध्यप्रदेश को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सख्त निर्देश दिये जिन शहरों में इस मिशन में अच्छा कार्य नहीं हुआ है वहां के अधिकारियों के‍विरूद्ध कार्रवाई करें।

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। ऐसे आवास जिनकी किस्त अभी मिलना शेष है। उनके लिये केन्द्र सरकार स्तर पर प्रयास कर किश्त राशि शीघ्र प्राप्त की जाये तथा प्रगतिरत सभी आवासों को शीघ्र पूर्ण कराया जाये। बताया गया कि बी.एल.सी. घटक के अंतर्गत प्रदेश में पांच लाख 82 हजार 625 आवास स्वीकृत हैं जिनमें से 2 लाख 4 हजार 493 आवास पूर्ण हो गये हैं। ए.एच.पी. घटक, सी.एल.एस.एम. घटक को सम्मिलित कर प्रदेश में 7 लाख 99 हजार प्रधानमंत्री आवास (शहरी) स्वीकृत हैं।

बैठक में मास्टर प्लान, राजस्व वसूली आदि बिन्दुओं पर समीक्षा भी हुई।

अधूरे ई.डब्ल्यू.एस. आवास पूर्ण करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में गरीब वर्ग के लिए बनाए गए अधूरे ई.डब्ल्यू.एस. आवास पूर्ण किए जाएं। इनकी कीमत प्रति इकाई 7.5 लाख रूपए है। मलिन बस्ती में इसके हितग्राही को मात्र 02 लाख रूपए देने हैं।

शहरी अधोसंरचना विकास की 536 करोड़ की योजना

प्रदेश के नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 536 करोड़ की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसे 2024 तक पूरा किया जाएगा। इसके अंतर्गत सभी 378 नगरीय निकायों में कार्य किया जा रहा है।

31 दिसम्बर तक सरचार्ज में छूट

प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आगामी 31 दिसम्बर तक सम्पत्ति कर, जल कर आदि के पुराने बकाया में सरचार्ज की छूट है।

जी.आई.एस. आधारित मास्टर प्लान बनेंगे

प्रदेश के नगरीय निकायों के जी.आई.एस. आधारित मास्टर प्लान बनाए जाएंगे। भोपाल का जी.आई.एस. आधारित मास्टर प्लान तैयार है। वर्तमान में 88 नगरीय निकायों के मास्टर प्लान बनाए गए हैं, अब सभी मास्टर प्लान जी.आई.एस. आधारित बनाए जाएंगे।

अवैध कॉलोनियों का नियमितीकरण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण के‍ लिए अधिनियमों एवं नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।


गुरुवार, 17 दिसंबर 2020

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने फूलबाग मैदान में हजारों किसानों से किसान हितैषी काम का वायदा किया , किसानों ने दिया समर्थन

देश के केन्द्रीय पंचायतीराज, ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि नए कृषि बिल से देश के किसानों की तकदीर और तस्वीर बदलेगी। यह कानून किसानों के हित संरक्षण और उनकी माँगों के अनुरूप बनाया गया है। इस कृषि कानून में समर्थन मूल्य को खत्म नहीं किया जायेगा। कृषि उपज मंडियों को भी बंद नहीं किया जायेगा। किसान अपनी फसलों को देश के अन्य राज्यों जहां उसे उचित मूल्य मिलेगा बेच सकेंगे। किसान फसल उगाने से पहले ही उपज दाम तय कर सकेंगे। कृषि कानूनों के तहत खरीददारों को समय पर किसानों को भुगतान करना होगा, वरना कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। कानून के तहत किसान अपनी इच्छानुसार कभी भी समझौते को समाप्त करके जहाँ उसे उचित मूल्य मिलेगा वहाँ अपनी फसल बेच सकेगा।
    केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर बुधवार को फूलबाग में आयोजित भव्य किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सरकार किसानों के हित संरक्षण के लिये संकल्पित है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता देश, प्रदेश का ही नहीं पूरे विश्व के लोगों का पेट भरता है। फसल बोते समय खाद-बीज डालने के साथ-साथ अपना पसीना बहाकर एक वटवृक्ष तैयार करके हम तक फसल पहुँचाता है। आज चंद लोग किसानों के हित संरक्षण के लिये बनाए कानून में रोड़ा अटका रहे हैं।
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आतिथ्य में रीवा में आयोजित कार्यक्रम का एलईडी पर सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पूरे प्रदेश में 35 लाख 50 हजार किसानों के खातों में अंतरित राशि 1600 करोड़ रूपए आगामी 18 दिसम्बर 2020 से जमा कराई जायेगी। इसमें पूर्व की बकाया राशि के अलावा इस वर्ष सोयाबीन फसलों के नुकसान और अन्य फसल क्षति की राहत राशि भी शामिल रहेगी।
   भव्य किसान सम्मेलन में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सहकारिता मंत्री श्री ओ पी एस भदौरिया, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह, सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर, श्रीमती संध्या राय, श्री के पी यादव, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  श्री लाल सिंह आर्य, पूर्व राज्य मंत्री श्री गिर्राजराज दण्डौतिया, ग्वालियर-चंबल संभाग की विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, पूर्व विधायक, जिला भाजपा अध्यक्ष सहित दोनों संभागों के जिलों के किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

   किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय ग्रामीण विकास, पंचायतीराज एवं कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि दक्षिण भारत सहित अन्य राज्यों के किसानों ने केन्द्र सरकार द्वारा पारित किसान हितैषी अध्यादेश का तहेदिल से स्वागत किया है। वहीं पंजाब, हरियाणा के किसानों को विपक्षी राजनैतिक दलों द्वारा भड़काया जा रहा है ताकि वे किसानों की आड़ में राजनैतिक रोटियां सेक सकें। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून में किसानों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखकर ही बनाया है। यह कानून पूरी तरह किसान हितैषी है जिसे किसानों को समझना होगा। उन्होंने देश के सभी किसानों से अपील की है कि वे किसी भी राजनैतिक दल के बहकावे में न आएँ।
   केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 2014 से लगातार किसानों के कल्याण के लिये प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों से आमदनी का धंधा तभी बन सकेगा, जब परंपरागत खेती को छोड़कर किसान आधुनिक तकनीकी को अपनाकर विभिन्न आयामों से जुड़ें, ताकि किसान आमदनी मुनाफे की श्रेणी में आ जाये। इसके लिये केन्द्र सरकार के साथ प्रदेश सरकारों को आगे कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पहले समर्थन मूल्य लमसम तय होता था, लेकिन अब केन्द्र सरकार पहले किसानों द्वारा लगाई लागत को पूछेगी, जितनी किसानों ने लागत लगाई है उसमें 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर अब समर्थन मूल्य घोषित किया जायेगा।
    प्रधानमंत्री सम्मान निधि पर चर्चा करते हुये केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना में किसानों को एक वर्ष में 3 किश्तों में 6 हजार रूपये दिये जाते थे।  
    उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान को धन्यवाद देते हुये कहा कि वे भी 2-2 हजार रूपये दो-दो किश्तों में देंगे। इस तरह अब किसानों की यह निधि 10 हजार रूपये तक पहुंच जायेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना में केन्द्र सरकार 75 हजार करोड़ रूपये किसानों के खातों में डाल रही है। उन्होंने कहा कि बड़े परिवारों में बटवारे हो जाने से छोटे-छोटे भागों में खेत हो गये है। प्रधानमंत्री ने इन छोटे-छोटे मझोले किसानों के लिये कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिये एफ.पी.ओ. बनाया है। इस एफ.पी.ओ. में छोटे-छोटे किसान न ट्रेक्टर ले सकते है और न अन्य कृषि उपकरण इसके लिये उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे 5-5 बीघा के 100-100 किसान मिलकर एफ.पी.ओ. की योजना में लाभ लेंगे तो उन्हें उन्नत कृषि उपकरण के साथ-साथ थोक में खाद बीज के दामों में रियायत मिल जायेगी और इस योजना का लाभ भी उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि एफ.पी.ओ. के माध्यम से उद्यानिकी फसलों में कम लागत आयेगी और उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कृषि अद्यौसंरचना पर केन्द्र सरकार ने एक लाख करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें 20 हजार करोड़ मछली पालन को बढ़ावा देने, 15 हजार करोड़ पशुपालन, 4 हजार करोड़ हर्वल फसलों, 5 हजार करोड़ मधुमक्खी पालन और 10 हजार करोड़ छोटे-छोटे प्रोसेसिंग मशीनों के लगाने पर खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि साढ़े 17 हजार करोड़ प्रधानमंत्री किसान योजना में और 1 हजार 128 करोड़ रूपये कॉपरेटिव के लिये जारी किये गये है। उन्होंने कृषि सुधार के लिये आये अध्यादेश में किसानों को होने वाले फायदों को भी गिनाया।
    राज्यसभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जय जवान-जय किसान के नारे से अपने उदबोधन में कहा कि मूलत: लोग भगवान की पूजा - आराधना करते हैं। किंतु वास्तविक भगवान देश का अन्नदाता है जो सारे देश की मौलिक आवश्यकता की पूर्ति करता है। श्री सिंधिया ने कहा कि भारत के किसान को आत्मनिर्भर बनाने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित संरक्षण के लिये तीन कृषि बिल पारित किए गए हैं। यह तीनों बिल किसानों को अपनी फसल बोने से लेकर उत्पादन बेचने तक की स्वतंत्रता देते हैं। उन्होंने कहा कि अब नए कृषि कानून के तहत किसानों को खाद बीज के भण्डारण की पूर्व से ही व्यवस्था रहेगी।
    उन्होंने कहा कि 22 करोड़ किसानों को खेत मिट्टी परीक्षण कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं ताकि किसानों के हाथ और मजबूत हो सकें। उन्होने कहा कि कोरोना के संकट में भी किसानों ने खेती करके देश की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में कृषि अधोसंरचना में एक लाख करोड़ रूपए कृषि कोष में जमा कराए हैं। किसानों को हर वर्ष किसान सम्मान निधि के रूप में केन्द्र 6 हजार रूपए और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्णय के अनुसार प्रत्येक किसान को 4 हजार रूपए इस तरह अब किसान को 10 हजार की किसान सम्मान निधि प्रति वर्ष मिल रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों के हितों के लिये संकल्पित है। वहीं प्रदेश की सरकार भी 2 हजार 200 करोड़ रूपए पूर्व सरकार ने किसानों के हित का पैसा तिजोरी में रखे हुए थी, उसे तोड़कर मुख्यमंत्री ने किसानों के खातों में जमा कराया। उन्होंने कहा कि अभी तक 7 हजार 700 करोड़ रूपए किसानों को राहत के रूप में उनके खातों में जमा कराए हैं।  1600 करोड़ अंतरित राशि भी प्रदेश सरकार अगले दो दिन के अंदर किसानों के खातों में जमा करायेगी।
    नए कृषि कानून का उल्लेख करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि केन्द्र सरकार ने समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाया है ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। किसान अपने उत्पादन को अब कहीं पर भी बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि 70 सालों से जंजीरों में जकड़ा किसान अब पूरी तरह से स्वतंत्र हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मंडियां बंद नहीं होंगीं। अब किसान बिचौलियों से मुक्त होंगे। उन्होंने कहा कि किसान सम्पन्न होगा तभी देश आगे तरक्की कर सकेगा। उन्होंने कहा कि मंडियों को आधुनिक बनाने के लिये करोड़ों रूपए खर्च किए जा रहे हैं। अभी धान और गेहूँ पर समर्थन मूल्य दिया जाता था, अब दलहनी फसलों को भी समर्थन मूल्य पर किसान बेच सकेंगे।
    कार्यक्रम को अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य ने संबोधित करते हुए विस्तार से नए कृषि कानून से किसानों को होने वाले फायदों का उल्लेख किया। 



चम्बल की माटी का अमर कवि राम प्रसाद बिस्मिल - लेखक - विशेन्द्र पाल सिंह जादौन

चम्बल की माटी का कवि अमर शहीद श्री रामप्रसाद बिस्मिल

(लेखक - विशेन्द्रपालसिंह जादौन)

सरफरोसी की तमन्ना, अब हमारे दिल में है
देखना है जोर कितना बाजु ऐ कातिल. में है।।
-बिस्मिल

महान क्रान्तिकारी सपूत, शहीद श्री रामप्रसाद बिस्मिल जी के जीवन की, जीवन को जीवंत घटनाओं के सन्दर्भ में जोड़ा जाये तो अतिश्योक्ति नहीं होगी जिस तरह से सावन में उमड़ती नदियाँ सम्पूर्ण बेग के साथ बहती है उसी तरह रामप्रसाद बिस्मिल जी का जीवन सरस और संघर्ष का नाम है जहां अपनों से घृणा अविश्वास मिला वहीं बिस्मिल जी ने कविता की धारा में स्वयम् को साधक पाया उन्होंने मन की लहर के आत्म निवेदन में कहा है कि मेरा कई बार का अनुभव है, जब कभी में संसार यातनाओं पे्रमवासियों तथा विश्वास घातियों की चालों में दुखित हुआ हूँ और बहुत ही निकट (संभव) था कि सर्वनाशकर लेता, किन्तु, प्राण प्यारी रचनाओं ने ही मुझे धैर्य बंधाकर संसार यात्रा की कठिन राह चलने के लिए उत्साहित किया उन्होंने लिखा कि मैं कोई कवि नही और न कविताओं के कार्य को ही जानता हूँ-जिस युवा कवि के दिल में देश प्रेम और देश की आजादी के सपने थे, जिसने आजादी के लिए हाथों में रिवाल्वर के सिवाये कुछ नहीं पकड़ा हॉ उसी सपूत ने हल की मुठियाँ के साथ-साथ कलम के जादुई चमत्कार से अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिये मन की लहर रचना संग्रह में कवि श्री रामप्रसाद बिस्मिल जी ने आह्वान, आर्य क्यों दुखी है युवा सन्यासी, धर्महित मरना, हकीकत के वचन, मेरी भावना, संदेश है, वही कवि ने समाज के लिए उन्होंने लिखा है कि–
भारत हकीकत एक है, आज अत्याचार से।
होंगे हकीकत सैकड़ो, इस रुधिर की धार से।।
प्रिय जाति के सम्मानहित, निज प्राण देना धर्म है।
तन देश वेदी पर चढ़ाना, परम पावन धर्म है।।
धिक्कार है वह जन्म, जिससे जाति का कुछ हित न हों।
उस मृत्यु को धिक्कार है, जो निज देश का सेवाहित न हो।।
मेरी भावना शीर्षक की रचना में कवि बिस्मिल ने लिखा है-
न चाहूं मान दूनियाँ में, न चाहूं स्वर्ग का जाना।
मुझे वर दे यदी माता रहूँ भारत पर दीवाना।।
करूं मैं कोम की सेवा, पड़े चाहे करोड़ो दु:ख
अगर फिर जन्म लूं आकर, तो भारत में ही हो आना।
लगा रहे प्रेम हिन्द में, पढूँ लिखूं हिन्दी
चलना हिन्दी बोलूं हिन्दू पहनना ओढ़ना, खाना,
भवन में रोशनी मेरे, रहे हिन्दी चिरागों की
क्रांतिकारी सपूत के राष्ट्र भक्तों की जाति, धर्म और भाषा के बलिवेदी पर एक सैनिक की तरह जियें और निश्च्छल मन के साथ हृदय की पवित्रता को इस प्रकार अभिव्यक्त किया है।
मुरझा तन था निश्च्छल मन था, जीवन ही केवल वन था मुसलमान हिन्दू मन छोड़ा, बस निर्मल अपना पन था।
‘मन्दिर में था, चॉद चमकता मस्जिद में मुरली की तान मक्का हो चाहे वृन्दावन, होते आपस में कुर्वान गली-गली में अली-अली की,
गूंज मचाते हिल-मिलकर।
मार जाते कर उठाते,
हृदय चढ़ाते खिलखित कर चिन्ता होवे न कलंकित हिन्दू धर्म पार इस्लाम गांव दोनो सुध-बुध खोखरा,
या अल्ला जय-जय घनश्याम।
कवि ने फिर मेरा जन्म,मेरी प्रतिज्ञा, जीवित जोश, स्वाधीन कैदी, मातृभूमि, वियोग मातृवन्दना, विनय आदि रचनाओं में राष्ट्र प्रेम अंग्रेजी हुकूमत में जेलों में यातनापूर्ण जिन्दगी को स्पर्श करने वाली रचनाओं में जहां युवा पीढ़ी के लिए सन्देश दिया है वहीं मातृ भूमि के लिए शहीद की भावना और वन्दना भी इन पंतियों मे उल्लेखित है।
‘तेरे ही काम आऊहं मेरा ही मंत्र गाऊं।
मन और देह पर बलिदान में चढाऊं।।
जहाँ कवि ने राष्ट्र संदेश का गान किया है वही प्रकृति के प्राकृतिक सौन्दर्य ‘फूल कविता के माध्यम से अभिव्यक्त किया है बेकफन, स्वतन्त्रता गाना आहें-सर्द (अपमान), मातम रोना, कैदी बुल-बुल की फरियाद आदि रचनाओं में क्रान्ति का शंखनाद परिलक्षित है कवि ने देश की यातना पूर्ण जीवन को सरलतम शब्दों में व्यक्त किया है।
ईश्वर विनय में कवि ने लिखा है-
बरसे हजारों बीते दु:ख रहते-सहते हमको, क्या भाग्य में हमारे बिल्कुल दया नहीं है।
हम गिर गये है इतने हस्ती मिटी हमारी।
क्यों हाथ वह दया का, अब तक उठा नहीं है करते थे राज्य हम ही,
संसार भर एक दिन, फूटे जो भाग्य अपने घर तक रहा नहीं है।
उन्होने सम्पूर्ण देश की स्थिति की प्रार्थना ईश्वर से की है वे पक्के आस्तिक और ईश्वरवादी क्रांतिकारी पुरूष के रूप में लिखा है-
सदियों से जन्म भूमि, जो दु:ख उठा रही है।
फिर कवि ने ‘भारत मेरा कौल (प्रतिज्ञा) में लिखा है।
सजा को जानते है हम
खुदा जाने खाता क्या है।
ना बिस्मिल हूँ मैं बाकिफ नहीं, रस्में शहादत से,
बतादें अब तू ही जालिम तड़फने की अदा क्या है
उम्मीद मिल गई मिट्टी में दर्द जब्त आखिर है
सदाऐं गैब (आकाशवाणी) बतलाऐं
मुझे हुक में खुदा क्या है।
अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल जी ने आप बीती आहे सर्द, बलिदान शीर्षक रचनाओं में इधर हमारे उधर, हिन्दोस्तां हमारा, विश्वास के अन्त, मादरे हिन्द की आवाज सत्ता, ईर्ष्या पर तीखी कलम में लिखा है, अंग्रेजी हुकूमत को कोसा ही नहीं है बल्कि उनकी कलम में लिखा है-
जिन्हें मैंने दूध पिला दिया,
बसे आस्तीन के सांप वो,
कोई मेरे बच्चे को डस गया,
कोई मुझ पर जहर उगल गया,
उनकी कलर फिर गजल की तरफ बड़ी और उसमें उन्होंने दुखानन्द, सच्ची प्रतिज्ञा मौजूदा हालत, विश्वासघात, अरमाने दिल, पक्षी पुकार आदि शीर्षक की गजलें सदाए-दर्द देशपे्रम दर्देदिल, नार ए गम हिन्दोस्तां हमारो आदि गजले उस जमाने में प्रत्येक क्रान्तिकारी की जुवां पर गुनगुनाती जिसमें कवि ने समाज व देश की स्थिति की चिन्तन पूरी निष्ठा व ईमानदारी से किया है।
‘जो हवाऐं दहर बदल गई तो,
जहां का रंग बदल गया
जो दरख्त फूल के फल गया
झूंठ जो चीज है उससे मुहब्बत कैसी,
खाक हो जाये दम भर में वह सूरत कैसी
न तथा मालूम वह जालिम।
हमें इतना सतायेगा,फंसाकर दामें उलफत में
हमें बन्दा बनायेगा।
छुड़ा करके वतन हमसे, बनायेगा हमें कैदी,
दिखाकर आबोदाने को, कफरा मे हमको फंसायेगा,
बनाने को हमें कैदी, बनेगा बाग की माली
छिपाकर शक्ल असली को, शकल दीगर दिखायेगा।
समझकर नातुर्बा हमको करेगा इतनी लज्जादी।
जलाकर बालों पर सारे हमें, बिस्मिल बनायेगा।
हिन्दोस्तां की आवाज कवि ने इन पंतियो में लिखी है।
मेरे गम की है कहानी मुझे, किसी साख वां न समझो
बड़े शोक से उडादो मेरे, तनके टुकडे-टुकडे
न रूकेगा जज-बये दिल, मुझे बेजवां न समझो
कोई समझना उन्हें ट्टट्टदिल को बहनाना कोई।
पिछले इतिहासो को पढ़-पढ़ के सुनना कोई।
जब तलक लौटू पिता-माता को संतुष्ट करें
प्यारी प्रजा का कभी दिन न दुखाना कोई
कवि न आहें, सर्द दिल में लिखा है–
हिन्द में आह! चली उलटी हवायें क्यों कर।।
है कभी ताऊ न, कभी कहत कभी है जा है,
न नहीं मालूम टलेगी में बतायें क्यों कर!
क्या कलम जाने जो है गूंज में ।
भौंरे के मजा,
गौरे तसलीम करें,
नालों की राय क्यों कर
कवि ने हिन्दोस्तां हमारा में लिखा है –
है दोस्तों हमारो, हिन्दोस्तां हमारा,
है स्वर्ग से भी बढ़कर, प्यारा वतन हमारा
पहरे में है हमारे इतना बड़ा समन्दर ।
कोहे हिमालय भी पासवां हमारो
कवि विस्मिल को 19 दिसम्बर 1927 को गोरखपुर जेल में फांसी दी गई तथा जेल की कोठरी में उन्होने राष्ट्रीय चिंतन और देश प्रेम की रचनाये लिखी जिनमें प्रमुख इस प्रकार है।
मिटगया जब मिटने वाला, फिर सलाम आया तो क्या ।
दिल की बरबादी के बाद, उनका पयाम आया तो क्या ।
काश! अपनी जिन्दगी में, हम यह मन्जर देखतें,
यूं सरे तुखत कोईद्व महशर खराम आया तो क्या।
मिट गई सारी उम्मीदें मिट गये सारे ख्याल
उस घड़ी पर नामवर, लेकर पयाम आया तो क्या।
अै: दिले, नाकाम मिट जा, अब तू कूंचेयार में,
फिर मेरी नाकामियों के बाद, काम आया तो क्या ।
आखिरी शबदीद से काबिल थी, बिस्मिल की तड्फ सुबह दम गर कोई बालये आप आया तो क्या ।
फिर आगे कवि ने लिखा है -
गर हालत में है मेरी देखने आये कोई ।
कौन है किस्सा यह गम जिसकी सुनाये कोई ।।
रो के हर एक से कहती है ये भारत माता ।

मुझको कमजोर समझकर न सताये कोई ।
फिर न बिस्मिल रहे दुनियां में कोई ऐ बिस्मिल ।
फिर न अजार जमाने के उठाये कोई ।।
1914 को क्रांति की असफलताओ के बाद बिस्मिल जी ने स्वयं
शाहजहांपुर में ‘’ भारत दुर्दशा नाटक में वह कविता पढ़ी और गाई जिसे सुनकर लोग रो पड़े -
‘’ देश की खातिर मेरी दुनियां,
में यह ताबीर हो ।
हाथ में हो हथकड़ी पैरो पड़ी जंजीर हो।
सूली मिले फांसी मिले,
या कोई भी तदवीर हों,
पेट में खंजर दुधारा या जिगर में तीर हो ।
आंख खतिर तीर हो मिलती गले शमशीर हो ।
मौत की रक्खी हुई आगे तस्वीर हो ।
इससे बढ़कर और दुनियां में अगर ताजीर हो ।
मंजूर हो! मंजूर हो !! भांकर हो !!! भांकर हो !!!
मै कहूॅगा फिर भी अपने देश का शैया हूॅ मैं ।
फिर करूंगा काम दुनियां में अगर पैदा हुआ ।।
और उन्होंने कवि के रूप में अपनी अन्तिम इच्छा व्यक्त की और लिखा है कि
बहे बहरे फना में जल्द गारब लाख बिस्मिल की ।
कि भूखी मछलियां है, जोर रहे शमशीर कातिल की ।
किन्तु समझकर फूंकना इसको जरा, ये दागे नाकामी ।
बहुत से घर भी है, आबाद इस उजड़े हुए दिल से ।।
बिस्मिल की दिले आरजू बिस्मिल में रह गई ।
तलवार खिचके पंज ए, कातिल में रह गई ।।
सर फरोशाने वतन फिर, देख लों मकतल में है।
मुल्क पर कुर्बान हो जाने, के अरमों दिल में है।
तेज है जालिम की यशादों, और गलामजलूम का ।
देख लेंगे हौंसला कितना दिले कातिल में है।
सर फरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है।
देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है।
सौरे महशर वाक्यश है, मार का है धूम का ।
इस प्रकार एक क्रांतिकारी भारत माता से सपूत ने साहित्य सृजन सन्देश सेवा का काल पैदा किया और जाते-जाते कल्याणकारी सन्देशों को आजाद भारत के लिए ‘विरासत में दे गया । बिस्मिल जी जितने दक्ष रिवाल्वर चलाने में थे उतने ही वे अच्छे लेखक व कवि थे बिस्मिल जी ने ‘’सुशीला-माला प्रकशन को प्रारम्भ किया माला अपने बंगााली मित्र की स्मृति को पुस्तक लिखी और प्रकाशित हुई । श्री रामप्रसाद बिस्मिल को रचना में अज्ञात या राम के नाम से छपती और हम व्यक्ति उन्हे चाव से पढ़तें थे श्री अरविन्द घोष की बंगला पुस्तक यौगिक साधना का भी हिन्दी अनुवाद किया और यह प्रकाशक के द्वारा विश्वासघात करने के कारण प्रकाशित न हो सकी फिर उसके बाद बोलशैविकों की करतूत ‘मन की लहर आदि पुस्तकें काफी चर्चित रही, अमेरिका को स्वाधीनता कैसे मिली, चीनी षडयन्त्र, आदि पुस्तकें काफी लोकप्रिय रही । कवि ने गोरखपुर की जेल में आत्म कथा लिखी जिसे उन्होंने अपने प्रिय मित्र श्री गणेश शंकर ने प्रकाशित कराई आत्म कथाओं में यह श्रेष्ठ आत्म-कथा है 30 वर्षीय युवा क्रांतिकारी भारत माँ का सपूत इसी चम्बल घाटी गांव बरबाई का जिसके परिवार जन स्व. कोकसिंह तोमर जो बिस्मिल जी के चचेरे भाई है तथा श्री बिसेन्द्र सिंह तोमर का भतीजा है। आज भी बरवाई में है। अमर शहीद को फांसी लगने के बाद उसके परिवार ने जो यातना और कष्ट सहे वह एक अलग कहानी है। किन्तु एक कवि, साहित्यकार और क्रांतिकारी शहीद पुण्य तिथि 19 दिसम्बर को हम इस महान सपूत को हम क्या दें पायेगें और आजादी के दीवानों के परिवार जनों की जो हालत है वह और भी चिन्तनीय है।
आयो मों वरदे तथा माँ भारती के सपूत को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें ।
अमर शहीद श्री रामप्रसाद बिस्मिल की बहिन शास्त्री देवी कोसवां जिला मैनपुरी ठाकुरों के यहॉ व्याही है । , जिनके पतिदेव का निधन जनवरी 1989 में हुआ इनके दो पुत्र है। हरिशचन्द्र जी कोसवा के पास छिरोड़ गॉव है जो जिला मैनपुरी में पड़ता है वह व्याहे है उनके ज्येष्ठ का लड़का श्री बाबूसिंह जो वर्तमान में परिवार के दायित्वों का संचालन करता हैं बिस्मिल जी की दूसरी बहिन ब्रह्मादेवी कुचैला जिला मैनपुरी में ब्याही है श्री रामप्रसाद बिस्मिल के पिता श्री मुरलीधर सिंह की पिनाहट के पास छदामी का पुरा में व्याहें है। तब बिस्मिल जी का मानना हैै जाधपुर में बिस्मिल जी के नाना एवं नानी जी का घर है जो परिहार ठाकुरों के नाम से जाना जाता है बिस्मिल जी के परिवार ने जब बरबाई गांव छोड़ा तब वे शाहजहांपुर चले गये परिवार की निर्धनता के कारण उन्होने अनेक स्थानो पर भटकने के बाद अपने आपको आर्य समाजी होने के कारण वे पंडित बिस्मिल को ख्याति से प्रसिद्धि प्राप्त की किन्तु मूल रूप से वे तोमर राजपूत ठाकुर थे और बारबाई गांव उस समय ग्वालियर राज्य में आता था। पुनश्च:दादी जी फिर कभी लौटकर मूल गॉव नहीं गई। नारायण लाल जी परिवार को पालने के लिए ब्राह्मण वृति करने लगे और परिवार का लालन-पालन जिसके कारण लोग इन्हें पंडित नारायणलाल जी कहने लगे। बड़ा पुत्र मुरलीधर पढ़लिखकर, पन्द्रह सोलह वर्ष का हुआ। तभी ननिहाल चले गए चार पॉच माह वहॉ रहे, वहॉ मुरलीधर का विवाह हुआ विवाह के पश्चात् फिर वह शाहजहांपुर आ गये। मुरलीधर नगर पालिका की नौकरी करने लगे उस समय उन्हें पन्द्रह रूपये की तनख्वाह थी। फिर उन्होंने स्वतंत्र व्यवसाय किया इस व्यवसाय के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।अपने परिवार की पूर्व स्थिति को सुधारने का सारा श्रेय मुरलीधर को ही जाता है। वह वास्तव में एक सपूत सिद्ध हुए। उन्होंने अपने माता-पिता की सारी कठिनाईयों को दूर कर दिया। वह अपने माता-पिता द्वारा उठाए गये कष्टों को भूले नहीं थे, इसी से उन्होंने सदा परिश्रम एवं ईमानदारी की शिक्षा ग्रहण की थी। संवत् 1953 में मुरलीधर के घर मं एक पुत्र ने जन्म लिया दुर्भाग्य से यह पुत्र जीवित न रहा।

जब मुरलीधर की पत्नी ने द्वितीय पुत्र को जन्म दिया तब वे मैनपुरी कोसवां (नुनाहारा) में ननिहाल में चले गए वहॉ ज्येष्ठ शुक्ला 11 सम्बत् 1954 सन् 1897 को पुत्र जन्म हुआ। यही बालक आगे चलकर प्रसिद्ध क्रांतिकारी अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल के नाम से प्रसिद्ध हुआ। 

रविवार, 13 दिसंबर 2020

लाखों का ई बैलेट फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी में चंबल/ भिंड के लोगों के आधारकार्ड डिटेल्स तथा बायोमीट्रीक फिंगर प्रिंट बेचे गये, चंबल में हैं मुख्य आरोपी प्रशांत शाह के एजेंट

अहमदाबाद । 19लाख के ई बैलेट फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी और जालसाजी कांड के मुख्य (की अभियुक्त - अभी छानबीन चल रही है ) अभियुक्त चांदखेड़ा का प्रशांत शाह ,उत्कर्ष ह्यूमन रिसोर्सेज कं लि के नाम से ण्क कंपनी चलाता था । वह इस कंपनी को चलाने के लिये भिंड के लोगों के आधार कार्ड और बायोमीटिक डाटा का इस्तेमाल करता था ।
वह भिंड मध्यप्रदेश के लोगों के फिंगरप्रिंट का खुलेआम धड़ल्ले से इस्तेमाल करता था । इसके लिये उसने म.प्र. के कई जिलों में तथा भिंड में अपने एजेंट नियुक्त कर रखे थे , जिनके जरिये वह लोगों के आधार कार्ड डिटेल्स और फिंगर प्रिंट एकत्रित करता था ।
इजी पे नामक कंपनी ने एक एफ आई आर दर्ज कराई है , जिसमें आश्चर्यजनक रूप से एक ही आई पी क्षेत्र से अलग अलग क्षेत्र के लोगों द्वारा फिंगर प्रिंट इस्तेमाल किये जा रहे थे और इजी पे के 19 लाख के बैलेट का यह फर्जीवाड़ा और तगड़े घोटाले की एफ आई आर सायबर सेल को मिली तो सायबर सेल ने इसकी तहकीकात शुरू की , जिसमें पाया गया कि मध्यप्रदेश के चंबल क्षेत्र के लोगों के आधार कार्ड और बायोमीट्रिक डाटा तथा फिंगरप्रिंट इस फोर्जरी स्केम के लिये इस्तेमाल किये जा रहे हैं , आगे की तहकीकात में जानकारी सामने आई कि भिंड के लोगों के आधारकार्ड और फिंगरप्रिंट बहुतायत में इस्तेमाल किये गये हैं । सायबर सेल ने आगे अपनी तहकीकात में पाया कि सारे फिंगरप्रिंट लेकर एकत्रित कर दिल्ली स्थित एक अन्य आदमी को भेजे जाते थे , जहां वह दिल्ली में इन फिंगर प्रिंटों को ठोस रूप में बदल कर वास्तविक ऊंगलियों जैसे फिंगरप्रिंट में ठोस बना देता था , और इस पूरी सायबर क्राइम गैंग द्वारा यह फिंगरप्रिंट ठोस रूप में काफी ऊंचे मंहगे दामों में अत्यंत उच्च स्तर के सायबर क्रिमिनल्स को बेचे जाते थे ।
यह सायबर क्राइमर घोटालेबाज और फर्जीवाड़ा रैकेट खुद को ई वैलेट कंपनी का अधिकृत एजेंट बता कर ई वालेट तथा आधारकार्ड को बैंक अकाउंट से लिंक करने के बहाने किसी का भी बैंक खाता साफ कर देते थे ।
असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस - सायबर सेल ( ए सी पी - सायबर सेल ) ने यह भी कहा कि अभियुक्त ने कुछ अनाज व्यापारीयों को भी यह सारे डाटा बेचे हैं । 

मध्यप्रदेश भाजपा का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग दो मंडलों में शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनने की और अग्रसर है, केंद्र सरकार की नीतियों के फलस्वरूप देश मूलभूत आवश्यकताओं के सामान, खाद्यान्न, स्वास्थ्य, शिक्षा तकनीकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हो रहा है । साथ ही देश अपनी सुरक्षा में बाहय एवं आंतरिक दोनों प्रकार से सक्षम है । उक्त बात उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने भाजपा केशवनगर मंडल के दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में आत्मनिर्भर भारत के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर कही । 

सह मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा के अनुसार डॉ मोहन जी यादव ने वर्ग में उपस्थित कार्यकर्ताओं के साथ विषय पर परस्पर संवाद कायम करते हुए कहा कि देश आत्मनिर्भर रहे एवं देश सुरक्षित भी रहे इस हेतु योग्य व्यक्तियों को दायित्व देकर कार्य करवाया जा रहा है । देश के स्वाभिमान को मजबूत करती हुई आशाएं बलवती हुई है । सर्जिकल स्ट्राइक और राम मंदिर का जीर्णोद्धार । 

सराफा मंडल में प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए विधायक श्री पारस जैन ने भाजपा का इतिहास व विकास विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के विकास को तीन चरणों में विभाजित किया जा सकता है । प्रथम चरण में जनसंघ के रूप में , दूसरे में 1977 से 2004 के बीच गठबंधन की राजनीति में एक प्रमुख साझेदार के तौर पर और अंतिम में 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एकल बहुमत वाली पार्टी के रूप में उभार । 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार देश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी , जो अब 'सबका साथ , सबका विकास ' की परिकल्पना के साथ एक शानदार भारत का पुनर्निर्माण कर रही है । भाजपा श्री अमित शाह के नेतृत्व में 14 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भी बन गई है । 23 मई , 2019 को भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने फिर से विजयी पताका लहरायी और अकेले बीजेपी 303 सीटें और एनडीए 353 सीटें जीते । श्री नरेन्द्र मोदी 30 मई , 2019 को दूसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बने । भाजपा के सभी प्रमुख चुनावी वादों को भाजपा सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान लागू किया , जिसमें अनुच्छेद 370 , तीन तालक पर प्रतिबंध लगाने का कानून और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के साथ विवादित स्थल को राम जन्मभूमि न्यास को सौंपना शामिल था । 5 अगस्त , 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा राम मंदिर का भूमिपूजन किया गया । दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग नगर के केशव नगर मंडल व सराफा मंडल में शुरू हुआ । जिसमें श्री मदन सांखला ने भाजपा एवं हमारा दायित्व, श्री रूप पमनानी ने भारत की वैचारिक मुख्यधारा हमारी विचारधारा, श्री सनवर पटेल ने सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग, श्री ईश्वर पाटीदार ने पिछले छः वर्षों में हुए अंत्योदय प्रयास विषय पर संबोधित किया । वर्ग में सराफा मंडल अध्यक्ष श्री अजय तिवारी, केशवनगर मंडल अध्यक्ष श्री राजकुमार बंशीवाल,

डॉ प्रभूलाल जाटवा, श्री किशोर खंडेलवाल, श्री राजेन्द्र झालानी, श्री जय प्रकाश जूनवाल, श्री सत्यनारायण खोईवाल, श्री आनंद खींची, श्री मुकेश तटवाल, श्री महेंद्र रघुवंशी, श्री संजय ठाकुर, श्री बुद्धिविलास उपाध्याय, श्री शक्तिसिंह चौधरी, श्री जितेंद्र कृपलानी, श्रीमती रेखा ओरा, राकेश वनवट, राजेश शर्मा, प्रकाश शर्मा , रजत मेहता, कमल त्रिवेदी, श्री भगवानदास गिरी, श्री महेश सितलानी, श्री संतोष कोलवाल, कमल बैरवा, सुरेन्द्र मेहर , श्रीमती शुक्रति व्यास, श्री गोपाल बलवानी, पंकज रूसिया सहित कार्यकर्ता पदाधिकारी गण उपस्थित थे ।



 

रेरा की पहली नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन, तीन खण्डपीठों में 225 प्रकरणों की हुई सुनवाई उभयपक्षों के आपसी समझौते से 22 प्रकरणों का निराकरण

म.प्र. भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण के रेरा भवन में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन हुआ। प्रभारी अध्‍यक्ष तथा सदस्‍य न्‍यायिक श्री दिनेश कुमार नायक ने यह जानाकारी देते हुए बताया कि लोक अदालत के आयोजन से पूर्व सभी पक्षों में जागरूकता लाने के उद्देश्‍य से बातचीत कर समझाइश दी गई। करीब 155 प्रकरणों में आपसी सहमति बनी। कुल 145 प्रकरण रखे गये थे। इसके बावजूद करीब 225 प्रकरण की सुनवाई हुई। अदालत में 40 ऐसे लंबित प्रकरण आये, जिनमें आवेदक लम्‍बे समय से परेशान थे। उनके प्रकरणों में राजीनामा की शर्तो के साथ समय सीमा भी तय की गई।

नेशनल लोक अदालत में 3 खण्‍डपीठों के माध्‍यम से उभयपक्षों के लंबित/प्रीलिटिगेशन स्‍तर के राजीनामा योग्‍य विचाराधीन प्रकरणों का आपसी समझौते से 22 मामलों का निराकरण कराया गया। साथ ही कुल राशि 2.2 करोड़ से ज्‍यादा राशिभी प्राप्‍त हुई। उल्‍लेखनीय है कि म.प्र. हाउसिंग बोर्ड द्वारा दो प्रकरणों में आपसी समझौता किया गया, जिससे आवंटी लाभांवित हुए। प्राधिकरण द्वारा कई प्रकरणों में उभयपक्षों को प्रेरित भी किया गया। इसके परिणामस्‍वरूप निकट भविष्‍य में उभयपक्ष भविष्‍य में राजीनामा करने के लिये सहमत हुए।

लोक अदालत आपसी सामंजस्‍य से प्रकरणों के निपटारे का सशक्‍त माध्‍यम- श्री नायक

नेशनल लोक अदालत का पक्षकार श्री प्रदीप सिंह तथा प्रभारी अध्‍यक्ष एवं सदस्‍य न्‍यायिक श्री दिनेश कुमार नायक ने महात्‍मा गांधी के चित्र पर माल्‍यार्पण तथा दीप प्रज्‍वलित कर विधिवध शुभारंभ किया। इस मौके पर श्री दिनेश कुमार नायक ने कहा कि लोक अदालत आपसी सामंजस्‍य से प्रकरणों के निपटारे का सशक्‍त माध्‍यम है। उन्‍होंने कहा कि महात्‍मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक है। रेरा प्राधिकरण के प्रभारी अध्‍यक्ष तथा सदस्‍य न्‍यायिक श्री दिनेश कुमार नायक द्वारा लोक अदालत की तीनों खण्‍डपीठों की कार्यवाही का अवलोकन जिला जज श्री आर.के.वर्मा तथा सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण श्री संदीप शर्मा को कराया गया। लोक अदालत के को-ऑर्डीनेटर, सचिव/मुख्‍यप्रशासनिक अधिकारी श्री दिलीप कुमार कापसे ने कहा कि इस अनूठे प्रयास के निश्‍चित ही भविष्‍य में बेहतर परिणाम मिलेंगे। इस अवसर पर आवेदक, अनावेदक, सीए एवं अधिवक्‍तागण भी मौजूद थे।

खण्‍डपीठों में आपसी राजीनामा योग्‍य प्रकरणों की हुई सुनवाई

रेरा प्राधिकरण में आयोजित पहली नेशनल लोक अदालत में खण्‍डपीठ क्रमांक- 01 की अध्‍यक्षता सदस्‍य न्‍यायिक श्री दिनेश कुमार नायक ने की। इसके सदस्‍य विधिक सलाहकार श्री आर.के. जोशी थे। इसमें विभिन्‍न प्रकृति के मुकदमापूर्व प्रीलिटिगेशन एवं न्‍यायालयों में लंबित राजीनामा योग्‍य प्रकरणों को निराकरण के लिये रखा गया। इसी प्रकार प्रकरणों के निपटारे के लिये गठित खण्डपीठ क्रंमाक-02 के न्यायनिर्णायक अधिकारी श्री व्ही.के.दुबे अध्‍यक्ष तथा सुश्री जूही रघुवंशी अधिवक्ता की सदस्य तथा खण्डपीठ क्रंमाक-03 के निष्पादन अधिकारी श्री डी.एन.शुक्ला तथा सदस्य सुश्री रीता मुखर्जी अधिवक्‍ता तथा वसूली अधिकारी श्री सूर्यकांत शर्मा की उपस्थिति में आपसी राजीनामे से प्रकरणों का निराकरण किया गया।

 

जिन्हें किसानों की आर्थिक खुशहाली से कष्ट हो रहा है वे किसानों को भ्रमित कर रहे हैं, किसान खुद व्यापारी उद्योगपति और निर्यातक बनेंगें - मंत्री कमल पटेल

 दलालों और बिचौलियों का गेम ओवर हुआ 

किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने नवीन कृषि विधेयकों को किसानों की तकदीर बदलने वाला बताया है उन्होंने कहा कि इससे किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य के भरोसे रहने के बजाय स्वयं अपनी कृषि उपज के उत्पाद तैयार कर उन्हें एमआरपी पर बेच सकेंगे। श्री पटेल ने किसानों से आह्वान किया है कि वे खुलकर कृषि विधयेकों का समर्थन करें। किसी के बहकावे में न आयें। उन्होंने कहा कि जिन्हें किसानों की आर्थिक खुशहाली से कष्ट हो रहा है वे किसानों को भ्रमित कर रहे हैं।

कृषि मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति का मालिकाना हक दिया है, किसान अब अपने गांव के घरों पर भी लोन लेकर उद्योग लगा सकते हैं, ग्रेडिंग से लेकर अन्य कृषि उत्पाद तैयार कर और उसका अधिकतम खुदरा मूल्य तय कर बेच सकते हैं। कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि नये कृषि बिल किसानों को व्यापारी, उद्योगपति, निर्यातक बनने का अवसर दे रहे हैं जिससे बिचौलियों को हटाकर कृषि का अधिकतम लाभ किसानों को मिलेगा। कृषि मंत्री श्री पटेल ने उदाहरण देते हुए कहा कि किसान आलू और टमाटर उगाकर उन्हें चार रूपये किलो में बेच देते हैं, व्यापारी उनकी ग्रेडिंग कर चालीस रुपये किलो कमाता है, इसके बाद बी ग्रेड, सी ग्रेड की उपज के आलू के चिप्स और सॉस बनाकर पचास गुना तक ज्यादा कीमत में बेच कर मुनाफा कमाता है।

कृषि मंत्री श्री पटेल ने किसानों से आव्हान करते हुए कहा कि वे किसी बहकावे में न आएं और कृषि बिलों का खुलकर समर्थन करें और प्रधानमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाएं कि नये कृषि कानून को शीघ्र अमल में लाया जाए। श्री पटेल ने कहा कि विपक्षी दल और बिचौलिए किसानों को समृद्ध होते नहीं देखना चाहते, इसलिये भ्रम फैलाकर किसानों को आंदोलन के लिए उकसा रहे हैं लेकिन किसानों को अपनी भावी पीढ़ी की आर्थिक सुरक्षा के लिए कृषि कानून का समर्थन करना चाहिए, यह कृषि कानून किसानों की दशा और दिशा बदलने वाला है।

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